Benefits of Arnica अर्निका के लाभ Arnica Se Kya Laabh Hai


Benefits of Arnicaअर्निका मध्य यूरोप, रूस, उत्तरी अमेरिका और कनाडा मे उगाया जाता है यह जंगलो मे और पर्वतो पर भी पाया जाता है। इसके सूखे फूलों का उपयोग जड़ी-बूटियों के लिए किया जाता है। पहले यह पर्वतारोहियों द्वारा शरीर दर्द के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता था। अर्निका में हेलेनालीन पाया जाता है जो बड़ा ही toxic हैं। जड़ों में थिमोल पाचा जाता है , जो स्वाभाविक रूप से रोगाणुरोधी है। थिमोल, पेनिसिलिन जैसे आम एंटीबायोटिक दवाओं जैसा काम करता है।

सिर तथा मांसपेशियों में दर्द को कम करने मे भी यह मदद कहता है। शरीर से खून बह रहा हो तो इसका प्रयोग लाभकारी होता है। यह श्वेत रक्त कोशिकाओं की गतिविधि को उत्तेजित करता है। यह दर्द और सूजन को कम करता है और साथ ही घाव भरने में मदद करता हैं।

अर्निका चोट और सूजन के उपचार में प्रभावी है साथ ही बालों के विकास मे भी मदद करता है। अर्निका के पौधों के फूलों का उपयोग दवा में किया जाता है

अर्निका दर्द के लिए त्वचा पर लगाया जाता है यह सूजन और मोच मे भी उपयोग किया जाता है यह कीट के काटने, गठिया, मांसपेशियों और दर्द,, और मुँहासे के लिए त्वचा पर लगाया जाता है।

अर्निका का उपयोग बालो के टॉनिक और रूसी के लिए किया जाता है। इसका उपयोग इत्र और सौंदर्य प्रसाधनों में भी किया जाता है

अर्निका कैसे काम करता है How does arnika work?

अर्निका में सक्रिय रसायन सूजन को कम करते हैं, दर्द को कम करते हैं और एंटीबायोटिक्स के रूप में कार्य करते हैं।

  • ओस्टियोर्थ्राइटिस के प्रारंभिक शोध से पता चलता है कि एक अर्निका जेल को दो हफ्ते दिन मे दो बार लगाने से दर्द को कम करता है और हाथ या घुटने में पुराने ऑस्टियोर्थराइटिस वाले लोगों को राहत देता है। अन्य शोध से पता चलता है कि इसका जेल उपयोग करने से दर्द में राहत मिलता है। यह दर्द निवारक इबुप्रोफेन का काम करता है।
  • मधुमेह के कारण विजन की समस्याएं वाले रोगी 6 महीने तक होम्योपैथिक र्नीका 5 सी प्रयोग करे तो डायबिटीज की वजह से दृष्टि की होने वाली समस्या कम होती हैं।
  • मांसपेशियों में दर्द – मांसपेशियों में दर्द की स्थिति मे अर्निका का उपयोग लाभकारी है। एक अन्य शोध से पता चलता है कि चलने के तुरंत बाद पैर की मांसपेशियों पर अर्निका जेल लगाने और फिर हर 4 घंटे में 5 दिनों तक लगाते रहने से 3 दिनों मे मांसपेशियों के दर्द कम हो सकती है। इसके अलावा, होमियोपैथिक अर्निका डी 30 को मैराथन से पहले 3 दिनों तक हर सुबह और शाम लेने पर मांसपेशियों में दर्द कम हो जाता है।
    सर्जरी के बाद होमियोपैथिक अर्निका को मुंह से लेने से सर्जरी के बाद होने वाले दर्द मे राहत मिलता है।

अर्निका खाने के अपेक्षा बाह्य प्रयोग के लिए सुरक्षित है। वास्तव में, अर्निका को जहरीला माना जाता है। जब मुंह से लिया जाता है तो गले, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, त्वचा पर चकत्ते, श्वास की तकलीफ, रक्तचाप में वृद्धि हो सकता है।
अर्निका अक्सर होम्योपैथिक उत्पादों में एक घटक के रूप में उपयोग होता है। हालांकि, यह आम तौर पर इतना कम होते हैं कि इलाज के लिए ठीक होता है।

चेतावनी और सावधानी Warnings And Precautions

गर्भावस्था और स्तनपान Pregnancy and breastfeeding : गर्भवती महिला को या जो महिला स्तनपान करा रही हों तो मुंह से अर्निका न लें या त्वचा पर न लगाये।

एलर्जी Allergies: यदि आपको एलर्जी है, तो अपने त्वचा पर लगाने से पहले अपने डाक्टर से राय ले लें। मुंह से अर्निका न लें।

टूटी हुई त्वचा Broken skin : क्षतिग्रस्त या टूटी हुई त्वचा के लिए अर्निका न लगायें।

उच्च रक्तचाप high blood pressure : यदि आपको उच्च रक्तचाप हो तो अर्निका न लें। अर्निका रक्तचाप बढ़ा सकता है।

पाचन समस्या Digestion problem : अगर आपको अल्सर, या अन्य कोई पेट या आंतों की समस्या हो तो इसे न लें। अर्निका पाचन तंत्र को परेशान कर सकता है।

दिल का धड़कन तेज होना Heart beat – यदि आपका दिल का धड़कन ज्यादा है तो अर्निका न लें। अर्निका आपके दिल के धड़कन को बढ़ा सकता है।

सर्जरी Surgery : सर्जरी के दौरान और बाद में , सर्जरी से कम से कम 2 सप्ताह पहले इसका उपयोग करना बंद कर दें।

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